फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में क्या अंतर होता है | Difference between First Party insurance and Third Party Insurance in Hindi

भारत में किसी भी वाहन मालिक को अपनी गाड़ी का थर्ड पार्टी बीमा करवाना अनिवार्य कर दिया हैं। मोटर इंजन या बैटरी से चलने वाली गाड़ियो के लिए भी यह नियम अनिवार्य रूप से लागू हैं । बिना थर्ड पार्टी बीमा के गाड़ी पकड़े जाने पर 2000 रुपए जुर्माना या 3 महीने की जेल हो सकती हैं। गंभीर लापरवाही होने पर दोनों सजाएं एक साथ भी हो सकती हैं। थर्ड पार्टी बीमा में जानकारी हम पिछले लेख में विस्तार से दे चुके हैं। हामारे कई पाठकों ने पूछा था कि फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में क्या अन्तर हेता हैं ? इस लेख में हम आपके इस प्रश्न का उत्तर पेश करेंगे। साथ ही दोनों तरह के इंश्योरेंस के फायदे और नुकसान भी अलग-अलग समझाएंगे।

What is the Difference between First Party Insurance & Third Party Insurance in Hindi?

First party vs Third party

फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में अंतर

वाहन बीमा में- फर्स्ट पार्टी (First Party) वह व्यक्ति होता है, जो बीमा प्लान खरीदता है।  सेकंड पार्टी (Second Party) वह बीमा कंपनी होती है, जो बीमा प्लान दे रही है। थर्ड पार्टी (Third Party),  वह वाहन, व्यक्ति या संपत्ति होती है, जिसे आपकी गाड़ी से नुकसान पहुंचता है। इस तरह से

फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस

ऐसा वाहन बीमा होता है, जिसके कारण कोई बीमा कंपनी, आपकी खुद की गाड़ी को होने वाले नुकसान का मुआवजा देती है। वाहन बीमा की भाषा में इसे Own Damage Cover के नाम से जाना जाता है। यह सुविधा (Own Damage Cover) आपको तभी मिल सकती है, जबकि आपने Comprehensive Insurance Plan (संपूर्ण बीमा) लिया हो। 

लेकिन, बीमा कंपनियां भी किसी भी तरह के बीमा को First Party Insurance के नाम से नहीं करतीं, बल्कि Comprehensive Insurance के नाम से उपलब्ध कराती हैं। इसलिए, सिर्फ आसानी से समझने के लिए, कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस को ही फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस कह सकते हैं।

कानूनी रूप से तो यह बीमा करवाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन बेहतर बीमा सुरक्षा देने के कारण, बीमा विशेषज्ञ इसी को करवाने की सलाह देते हैं। क्योंकि इसके भीतर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के फायदे भी शामिल होते हैं। 

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस

ऐसा वाहन बीमा होता है, जिसके कारण, आपकी गाड़ी से किसी दूसरे की गाड़ी को होने वाले नुकसान का मुआवजा बीमा कंपनी देती है। आपकी गाड़ी से किसी दूसरे व्यक्ति को शारीरिक नुकसान या मौत होने पर भी मुआवजा बीमा कंपनी देती है। इसी तरह किसी दूसरे की संपत्ति को हुए नुकसान का मुआवजा भी बीमा कंपनी देती है।  

भारत में इंजन से चलने वाले किसी भी वाहन के मालिक को Third Party insurance करवाना अनिवार्य है। बिना थर्ड पार्टी इंश्योंरेंस के वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर 2000 रुपए जुर्माना या 3 महीने की जेल की सजा हो सकती है। दोनों सजाएं एक साथ भी दी जा सकती हैं। 

फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस के फायदे 

कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेने पर आपको, निम्नलिखित निम्नलिखित प्रकार की बीमा सुरक्षा मिलती हैं-

आपकी गाड़ी को नुकसान पर मुआवजा (Own damage cover मिलने के कारण

कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस होने पर आपको own damage cover का फायदा मिलता है। इसके अंतर्गत, किसी हादसे में आपकी गाड़ी को  नुकसान पहुंचने पर बीमा कंपनी की ओर से मुआवजा मिलता है। जैसे कि रोड एक्सीडेंट, आगजनी, तोड़फोड़, चोरी, तूफान, भूकंप वगैरह की घटनाओं में नुकसान। अगर किसी घटना में आपकी गाड़ी पूरी तरह से नष्ट हो जाती है या चोरी हो जाती है तो उसके लिए भी मुआवजा, गाड़ी के वर्तमान अनुमानित कीमत (IDV) के हिसाब से मिलता है।

दूसरे के शरीर, गाड़ी, संपत्ति को नुकसान पर मुआवजा (Third party Insurance शामिल होने के कारण

कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस में Third Party Insurance के फायदे भी शामिल होते हैं, क्योंकि कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस आपको तभी मिल सकता है, जबकि आपने पहले Third Party Insurance ले रखा हो, या फिर साथ-साथ में ले रहे हों। किसी भी गाड़ी के फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस में, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस भी अनिवार्य रूप से शामिल होता है। Third Party Insurance शामिल होने की बदौलत ही, आपकी गाड़ी से किसी अन्य व्यक्ति को, या किसी अन्य वाहन को,  या किसी अन्य संपत्ति को होने वाले नुकसान का भी मुआवजा बीमा कंपनी की ओर से दिया  जाता है।

खुद को शारीरिक नुकसान पर मुआवजा (personal accident cover के कारण)

कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस के साथ आपको व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (Personal Accident Insurance) का भी लाभ मिलता है। और बीमा पॉलिसी धारक को खुद को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचने पर मुआवजा मिलता है।  क्योंकि नए कानूनों के मुताबिक, Third Party Insurance के साथ 15 लाख रुपए का अनिवार्य दुर्घटना बीमा (Compulsory Personal Accident Insurance) लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है। और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस, अपने आप कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस का हिस्सा होता है। 

 अन्य सहायक बीमा सुविधाएं जुड़वाने की भी सुविधा (add-on coversकी मदद से)

कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस के साथ ऊपर बताए गए जो तीन  प्रकार के लाभ मिलते हैं वह इसके  basic coverage   यानी कि मुख्य बीमा सुरक्षा के रूप में होते हैं। इनके अलावा भी कई तरह की सहायक बीमा सुरक्षा आएं होती हैं जिन्हें आप अपनी मुख्य बीमा पॉलिसी के साथ जुड़वा सकते हैं। इन्हें add-on covers या राइडर्स के नाम से जाना जाता हैजैसे कि Zero depreciation cover, नो क्लेम बोनस प्रोटेक्टर, इंजन प्रोटेक्शन कवर, रोड साइड असिस्टेंस कवर, return to invoice कवर वगैरह।

इनके अलावा भी कई प्रकार के ऐडऑन होते हैं। जिन्हें आप अलग से कीमत (premium) चुकाकर जुड़वा सकते हैं। विस्तार से जानें: एड ऑन इंश्योरेंस क्या होते हैं? कितने प्रकार के होते हैं? 

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के फायदे 

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होने पर आपको निम्नलिखित 5 प्रकार के फायदे मिलते हैं-

  1. किसी अन्य की गाड़ी को हुए नुकसान का मुआवजा:  गाड़ी की टक्कर से किसी दूसरे के वाहन को नुकसान का मुआवजा, आपका बीमा करने वाली कंपनी चुकाती है। मुआवजे संबंधी अदालती कार्रवाई का बोझ भी आप ही की कंपनी उठाती है। इसलिए  थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को Third Party Liability भी कहा जाता है।
  2. किसी अन्य के शरीर को पहुंचे नुकसान का मुआवजा:  आपकी गाड़ी की टक्कर से किसी दूसरे व्यक्ति को शारीरिक रूप से होने वाले नुकसान पर इलाज का भुगतान आपका बीमा करने वाली कंपनी चुकाती है। किसी दूसरे की मौत होने पर, उसका मुआवजा भी आप ही की बीमा कंपनी करती है। ये मुआवजा उस व्यक्ति की आर्थिक हैसियत के हिसाब से तय होता है, जिसकी आपकी गाड़ी से टकराकर या कुचलकर जान चली गई है। 
  3. किसी अन्य की प्रॉपर्टी या सामान को नुकसान का मुआवजा: गाड़ी से किसी दूसरे की संपत्ति या सामान को नुकसान पहुंचने पर, उसका भी मुआवजा आपको बीमा देने वाली कंपनी करती है। कार से किसी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचने पर अधिकतम 7.5 लाख रुपए तक मुआवजा बीमा कंपनी चुकाती है। कोर्ट के आदेश पर यह मुआवजा ज्यादा भी हो सकता है, लेकिन 7.5 लाख के अलावा जो भी मुआवजा होगा, उसे आपको खुद चुकाना पड़ेगा। बाइक या दोपहिया वाहन से किसी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचने पर, अधिकतम 1 लाख तक का मुआवजा हो सकता है।
  4. खुद के अंगों को गंभीर नुकसान पर 7.5 से 15 लाख तक मदद: थर्ड पार्टी बीमा के साथ में 15 लाख रुपए का अनिवार्य व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (Compulsory Personal Accident Insurance) लेना भी अनिवार्य है। यह बीमा आपको खुद को शारीरिक रूप से गंभीर चोट पहुंचने पर या मौत हो जाने पर 7.5 लाख से 15 लाख रुपए तक का मुआवजा दिलाता है। हादसे में मौत या हाथ, पैर, आंख में कोई दो अंग पूरी तरह खराब होने पर 15 लाख मुआवजा मिलता है। किसी एक हाथ, पैर या आंख के खराब होने पर 7.5 लाख रुपए मुआवजा देने का नियम है।
  5. जुर्माना और जेल से भी बचाता है:  भारत में Motor Vehicle Act 1988 के अंतर्गत, रोड पर चलने वाले किसी भी वाहन के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करवाना अनिवार्य है। भले ही आप फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस या (comprehensive insurance) ना कराएं,  तो चल जाएगा। लेकिन अगर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं होगा तो आप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के रोड पर या सार्वजनिक जगह पर गाड़ी पकड़े जाने पर 2000 रुपए तक जुर्माना हो सकता है या 3 महीने तक की जेल भी हो सकती है। दोनों सजा एक साथ भी दी जा सकती है।

तो दोस्तों ये थी फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बीच अंतर के बारे में जानकारी। रुपयों-पैसों से जुड़ी अन्य उपयोगी जानकारियों के लिए देखें हमारे लेख-

2 thoughts on “फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में क्या अंतर होता है | Difference between First Party insurance and Third Party Insurance in Hindi”

  1. अमित कुमार बेनीवाल

    बहुत बहुत धन्यवाद अपने बहुत अच्छे से समझाया सारी दुबिधा दूर हो गयी

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